पुस्तक का लाभ
अ – अनुकरण, आ – आदर्श, इ – इष्ट (बच्चों के बीच में रहकर, बच्चे बनकर बच्चे की रुचि के अनुसार पठन-पाठन), ई – ईर्ष्या (किसी ईर्ष्या से नहीं) और बच्चों को, क – कहानी,ख – खेल,ग – गीत,घ – घर जैसा वातावरण देना ।
अ – अनुकरण, आ – आदर्श, इ – इष्ट (बच्चों के बीच में रहकर, बच्चे बनकर बच्चे की रुचि के अनुसार पठन-पाठन), ई – ईर्ष्या (किसी ईर्ष्या से नहीं) और बच्चों को, क – कहानी,ख – खेल,ग – गीत,घ – घर जैसा वातावरण देना ।
प्रस्तुत ग्रंथ ‘दिव्य गर्भ संस्कार विज्ञान’ नारी सशक्तिकरण और परिवार संस्था को सबल बनाने तथा प्रत्येक परिवार/व्यक्ति में दिव्य शक्तियों के आमंत्रण और आगमन का आधार है।