हिंदी सुविचार
काम ही आराम है।
डॉ.राजेंद्र पैंसिया
कर्मचारी नहीं कर्मयोगी बने।
डॉ.राजेंद्र पैंसिया
काम से ही नाम होगा।
डॉ.राजेंद्र पैंसिया
करने से होता है।
डॉ.राजेंद्र पैंसिया
करने से ही होता है।
डॉ.राजेंद्र पैंसिया
“भारत को जानो,
भारत को मानो,
भारतीय बनो।”✍️ — डॉ. राजेंद्र पैंसिया
सुख चाहत जो जीव है, विद्या उससे दूर।
विद्या चाहत जो जन, त्यागे सुख भरपूर॥✍️ — डॉ. राजेंद्र पैंसिया
सर्वदेवमयी पूज्य माता, सब सुखों की दाता है,
जिस घर में होती गो-सेवा, वह धाम पावन हो जाता है।✍️ — डॉ. राजेंद्र पैंसिया

