अ – अनुकरण, आ – आदर्श, इ – इष्ट (बच्चों के बीच में रहकर, बच्चे बनकर बच्चे की रुचि के अनुसार पठन-पाठन), ई – ईर्ष्या (किसी ईर्ष्या से नहीं) और बच्चों को, क – कहानी,ख – खेल,ग – गीत,घ – घर जैसा वातावरण देना ।
किताबें पढ़ने से हमें एक अलग दुनिया में जाने का अनुभव होता है. किताबें पढ़ने से हमारी चिंताएं दूर होती हैं और हम सुकून महसूस करते हैं. किताबें पढ़ने से हमारे लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है.